आज मुख्य मुद्दा है बेरोजगारी

आज देश में कई बड़े मुद्दों के साथ बेरोजगारी एक मुख्य मुद्दा है. एक तरफ बढ़ती आबादी के कारण रोजगार पाना बहुत ही कठिन है. उस पर भी अगर अखबार में यह पढ़ने को मिले कि पिछले कुछ सालों में करोड़ों नागरिकों को अपने रोजगार से वंचित होना पड़ा, तो युवाओं के लिए इससे ज्यादा […]

आज देश में कई बड़े मुद्दों के साथ बेरोजगारी एक मुख्य मुद्दा है. एक तरफ बढ़ती आबादी के कारण रोजगार पाना बहुत ही कठिन है. उस पर भी अगर अखबार में यह पढ़ने को मिले कि पिछले कुछ सालों में करोड़ों नागरिकों को अपने रोजगार से वंचित होना पड़ा, तो युवाओं के लिए इससे ज्यादा दुख और निराशा की बात और क्या हो सकती है. युवा रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में हैं. देश में कई ऐसे विभाग हैं, जो रोजगार देने में लेटलतीफी कर रहे हैं.

फिलहाल देश में जितनी भी समस्याएं हैं, उनमें ज्यादातर का एक जबरदस्त समाधान रोजगार है. इसका एक उदाहरण यह है कि रोजगार बढ़ते ही अर्थव्यवस्था गति पकड़ सकती है, क्योंकि जेब से रुपया निकलकर बाजार में जायेगा. अभी इसका ठीक उल्टा हो रहा है. इसलिए सरकार को रोजगार देने पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

अमर कुमार यादव, धनबाद, झारखंड

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >