सरस्वती पूजा के नजदीक आते ही राजधानी पटना के विभिन्न छात्रावासों में रहने वाले छात्रों की मनमानी शुरू हो जाती है. वे आम लोगों से सरस्वती पूजा के नाम पर जबरन चंदा वसूलते हैं. जो लोग किसी कारणवश चंदा नहीं दे पाते हैं, उनके साथ छात्र गाली-गलौज और मारपीट करते हैं.
इतना ही नहीं, छात्र चंदे वसूली को लेकर आपस में भी मारपीट करते हैं. कभी–कभी मारपीट हिंसा का रूप ले लेती है, जिसमें दर्जनों छात्र घायल हो जाते हैं. स्वयं को मां सरस्वती का भक्त कहने वाले ये छात्र विद्या के मंदिर को भी नहीं छोड़ते हैं. वे विद्या के मंदिर में भी चंदे के लिए उपद्रव मचाते हैं. छात्रों की मनमानी मूर्ति विसर्जन तक बेरोकटोक चलती रहती है. छात्रों की मनमानी के कारण आम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. आम लोग छात्रों से दूर रहने में ही अपनी भलाई समझते हैं. पुलिस प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी चुप रहती है.
विनय कुमार, इ-मेल से
