इंसानियत जिनसे कायम है

अयोध्या के मोहम्मद शरीफ को इस वर्ष पद्मश्री अवाॅर्ड से नवाजा गया है. वे पिछले कई सालों से बिना धार्मिक भेदभाव के करीब 3000 हिंदुओं और 2500 मुसलमानों के लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं. इसी तरह कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के 68 वर्षीय हरेकाला हजाब्बा अपनी छोटी सी आमदनी से प्राथमिक […]

अयोध्या के मोहम्मद शरीफ को इस वर्ष पद्मश्री अवाॅर्ड से नवाजा गया है. वे पिछले कई सालों से बिना धार्मिक भेदभाव के करीब 3000 हिंदुओं और 2500 मुसलमानों के लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं.
इसी तरह कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के 68 वर्षीय हरेकाला हजाब्बा अपनी छोटी सी आमदनी से प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय बनवा चुके हैं, और अब विश्वविद्यालय बनवाने की भी तैयारी कर रहे हैं. चौरासी वर्षीय लंगर बाबा के नाम से प्रसिद्ध जगदीश लाल आहूजा 39 सालों से चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में आनेवाले जरूरतमंदों व मरीजों को मुफ्त में खाना खिलाते हैं.
देश में इंसानियत व मानवता की सेवा करनेवाले ऐसे लोगों की कमी नहीं है. ये सब कुछ दांव पर लगाकर इंसानों की सेवा करना ही अपना परम धर्म समझते हैं. ये दीये गुमनामी के अंधेरे में भी अपने कर्म का प्रकाश बिखेरते हैं. ऐसे लोगों से ही देश खड़ा है और इंसानियत भी कायम है.
हेमा हरि उपाध्याय, उज्जैन, मध्य प्रदेश

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