जल के प्रति जिम्मेदारियों का एहसास कराना होगा

नल जल योजना का दुरुपयोग हो रहा है. कई गांव ऐसे हैं, जहां नल का पानी ऐसे ही बर्बाद हो रहा है. किसी नल की टोटी नहीं है, तो कोई खुला छोड़ दिया गया है. कहीं रास्ते के किनारे पाइप के फटे रहने से हजारों लीटर पानी ऐसे ही बर्बाद हो जाता है, जिसे देखने […]

नल जल योजना का दुरुपयोग हो रहा है. कई गांव ऐसे हैं, जहां नल का पानी ऐसे ही बर्बाद हो रहा है. किसी नल की टोटी नहीं है, तो कोई खुला छोड़ दिया गया है. कहीं रास्ते के किनारे पाइप के फटे रहने से हजारों लीटर पानी ऐसे ही बर्बाद हो जाता है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है.
जबकि, भारत सरकार की तरफ से जल संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है. इसके बावजूद भी लोगों तक जागरूकता नहीं पहुंच पा रही है कि जल कितना अमूल्य है. यह हमारी भविष्य की पूंजी है. इसके बिना कोई भी जीवन अर्थात पृथ्वी पर जीवित रहना संभव नहीं है. जल ही जीवन है. जब जल संरक्षण की बात है, तो सरकार को हर एक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास दिलाना चाहिए.
राहुल देव कुमार, जानकीनगर, गड़खा (सारण)

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