रेलवे की आर्थिक सेहत थोड़ी खराब होती दिख रही है. लगभग एयर इंडिया के जैसा. इस बिगड़ती आर्थिक सेहत की खबर कैग की एक रिपोर्ट से साफ पता चलती है, जिसमें ऑपरेशन रेशियो का जिक्र किया गया है, जो की 98.4 फीसदी बताया गया है.
इसका मतलब रेलवे को 100 रुपये कमाने के लिए 98.4 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. वह भी तब जब विभिन्न विभागों के अग्रिम भुगतान को जोड़ लिया जाता है तब, वरना यह आंकड़ा 100 के पार चला जाता. यानी फिलहाल उलटा रेलवे को अपने जेब से खर्च करना पड़ रहा है सेवाएं या माल ढुलाई के लिए. रेलवे की इस बुरी हालत का पहला कारण खुद रेलवे बोर्ड के सदस्य हैं, जो सामूहिक तौर पर कुछ फैसले नहीं ले पाते हैं, ताकि रेलवे का तेजी से विकास हो. इससे दूसरा बड़ा कारण निकल कर आता है और रेलवे की गुणवत्ता खराब हो रही है.
अमर कुमार यादव, पटना
