सख्त सजा की है जरूरत

भारतीय समाज में नारी को देवी स्वरूप स्थान दिया गया है. पत्नी को पति की अर्द्धांगिनी माना गया है. फिर भी स्त्रियों पर अत्याचार होता है. पिछले कुछ समय से बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. हाल में हुई हैदराबाद की घटना हो या रांची की, ये घटनाएं दिल को दहला देती हैं. क्यों […]

भारतीय समाज में नारी को देवी स्वरूप स्थान दिया गया है. पत्नी को पति की अर्द्धांगिनी माना गया है. फिर भी स्त्रियों पर अत्याचार होता है. पिछले कुछ समय से बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. हाल में हुई हैदराबाद की घटना हो या रांची की, ये घटनाएं दिल को दहला देती हैं.
क्यों ऐसे लोगों को डर नहीं लगता? देश से कब खत्म होंगे ये अपराध? आज जरूरत है एक सख्त कानून की. सरकार को चाहिए कि सख्त कानून बनाये. दूसरे कई देशों में ऐसे अपराध की सजा सिर्फ मौत है. उत्तर कोरिया में बलात्कारी को सरेआम सिर में गोलियां दागी जाती हैं. यूएई में सात दिनों के अंदर फांसी दी जाती है.
सऊदी अरब में सिर कलम कर दिया जाता है. इराक में गुनहगार को भीड़ द्वारा तब तक पत्थर मारा जाता है, जब तक की वह मर नहीं जाता है. पोलेंड में आरोपी को नपुंसक बना दिया जाता है. इंडोनेशिया में अपराधी पुरुष में महिलाओं के हार्मोंस डाल दिये जाते हैं. भारत में भी इस तरह का कोई कठोर कानून बनना चाहिए.
देवेंद्र सोरेन, बोकारो, झारखंड

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