महंगाई की आंच और प्याज की झांस से सभी हैं परेशान

इन दिनों हर घर में महंगाई पर चर्चा खूब हो रही है, क्योंकि प्याज के दाम पेट्रोल से भी ऊपर चला गया है. हालांकि प्याज की एक बड़ी खेप लगभग 7000 मीटरिक टन मिस्र से आने को है. जब तक नासिक और गुजरात की नयी फसल न हो जाये तब तक तुर्की से भी 11000 […]

इन दिनों हर घर में महंगाई पर चर्चा खूब हो रही है, क्योंकि प्याज के दाम पेट्रोल से भी ऊपर चला गया है. हालांकि प्याज की एक बड़ी खेप लगभग 7000 मीटरिक टन मिस्र से आने को है. जब तक नासिक और गुजरात की नयी फसल न हो जाये तब तक तुर्की से भी 11000 मीटरिक टन प्याज आयात किया जायेगा. मौजूदा स्थिति यह है कि पुराने स्टॉक खत्म होने को हैं.

मंदी के समय यह महंगाई आम आदमी की जेब पर चोट पहुंचा रही है, उसके पीछे कई कारण बताये जा रहे हैं. मेरे हिसाब से प्याज के बढ़ते दाम के लिए गलत प्रबंधन जिम्मेदार है. अरुण जेटली ने कहा था कि TOP पर सरकार को ध्यान देना चाहिए, TOP यानी टोमैटो, पोटैटो और ओनियन, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया.
अमर कुमार यादव, पटना

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