बड़ी समस्या है शिक्षित-बेरोजगारी

भारत जैसे विकासशील देश के लिए बेरोजगारी एक ज्वलंत समस्या है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया का सबसे अधिक बेरोजगारों वाला देश है. बेरोजगारी और गरीबी का घनिष्ठ संबंध है. बेकारी किसी भी देश की समृद्धि के लिए बाधक है. यहां निजी क्षेत्र की अपेक्षा सरकारी नौकरी हर किसी की पहली पसंद है, यही […]

भारत जैसे विकासशील देश के लिए बेरोजगारी एक ज्वलंत समस्या है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया का सबसे अधिक बेरोजगारों वाला देश है. बेरोजगारी और गरीबी का घनिष्ठ संबंध है. बेकारी किसी भी देश की समृद्धि के लिए बाधक है.
यहां निजी क्षेत्र की अपेक्षा सरकारी नौकरी हर किसी की पहली पसंद है, यही कारण है कि राज्य व केंद्र सरकार की बहाली में लाखों उच्च शिक्षित युवाओं की भीड़ बढ़ रही है. शिक्षित वर्ग की बेकारी दूर करने के लिए वर्तमान शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर शिक्षा को सैद्धांतिक न होकर पूर्णतः व्यावहारिक होनी चाहिए, ताकि स्वावलंबी स्नातक पैदा हो सकें और देश की भावी उन्नति में योगदान दे सकें.
कपिल एम वडियार, जोधपुर

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