पोखर-तालाबों को स्वच्छ रखें

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में मनाया जानेवाला आस्था का महापर्व छठ कुछ ही दिनों में शुरू होनेवाला है. आस्था, संस्कृति और परंपराओं को बरकरार रखने में इस पर्व का मुख्य योगदान होता है. यह पर्व चार दिन तक चलता है. प्रत्येक वर्ष छठ पूजा शुरू होने से कुछ दिन पहले से ही कई ऐसे […]

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में मनाया जानेवाला आस्था का महापर्व छठ कुछ ही दिनों में शुरू होनेवाला है. आस्था, संस्कृति और परंपराओं को बरकरार रखने में इस पर्व का मुख्य योगदान होता है. यह पर्व चार दिन तक चलता है. प्रत्येक वर्ष छठ पूजा शुरू होने से कुछ दिन पहले से ही कई ऐसे तालाब, जिनमें गंदगी का अंबार होता है, उन्हें साफ करने के लिए नगर निगम को लगा दिया जाता है.

क्या उन पोखर और तालाबों को सिर्फ छठ पर्व में ही साफ करना उचित है? क्या नगर निगम को उन तालाबों पर सालों-साल बराबर नजर नहीं रखनी चाहिए? तालाब की गंदगी के कारण वहां आस-पास के घरों में बीमारियां फैल सकती हैं.
छठ खत्म होते ही लोग पूजा में बचे सामानों को उसी तालाब या पोखर में फेंक देते हैं और फिर उसके अगले वर्ष बोलेंगे कि नगर निगम वाले कब तालाब को साफ करेंगे. क्या तालाब और पोखर को स्वच्छ रखने का दायित्व सिर्फ नगर निगम वालों का ही है?
अभिजीत मेहरा, गोड्डा

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