महाराष्ट्र व हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को उम्मीद के हिसाब से सीटें नहीं मिल पायीं. पांच महीने पहले जिस लोकसभा चुनाव में वह क्लीन स्वीप करती नजर आयी, उसी पार्टी की स्थिति इस चुनाव में कमजोर हो गयी. खासकर हरियाणा में 75 पार का उसका नारा पूरी तरह से टूट गया. इधर, झारखंड में भी विधानसभा चुनाव होने हैं. इसकी तैयारी भी शुरू हो गयी है. भाजपा ने इस बार 65 पार का नारा भी दे दिया है.
राज्य में लोकल मुद्दे हावी हैं. स्थानीय नीति से यहां के बेरोजगारों को ज्यादा फायदा नहीं हो पाया, जबकि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, रोजगार सेवक, पंचायत सेवक व पारा शिक्षकों की मांगें भी पूरी नहीं की जा सकी हैं. सरकार को चाहिए कि लोकल मुद्दों को पूरा कर आम जनता का विश्वास जीते.
बिनोद सिन्हा, चंद्रपुरा, बोकारो.
