पब्जी के बढ़ते दुष्प्रभाव

आज वीडियो गेम इतना खतरनाक हो गया है कि इसे एक बार खेल लेने के बाद इनसे निकलना मुश्किल हो जाता है. पब्जी उनमें से एक है. यह भारत में इस कदर बढ़ रहा है कि यदि इसे नहीं रोका गया, तो यह भविष्य की पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर देगा. यह दिमाग को इस […]

आज वीडियो गेम इतना खतरनाक हो गया है कि इसे एक बार खेल लेने के बाद इनसे निकलना मुश्किल हो जाता है. पब्जी उनमें से एक है. यह भारत में इस कदर बढ़ रहा है कि यदि इसे नहीं रोका गया, तो यह भविष्य की पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर देगा.

यह दिमाग को इस तरह हैक कर ले रहा है कि खेलने वाले इंसान क्या कर रहा है, उसे कुछ मालूम नहीं रहता है. बहुत सारे देशों में इस पर रोक लगा दी गयी है. भारत में इसको लेकर आत्महत्या की खबरें आ चुकी हैं. मानसिक रूप से बीमार और अवसादग्रस्त होने की खबरें भी आती रहती हैं.
सबसे दुखद बात तो यह है कि इनमें अधिकतर युवा और बच्चे शामिल हैं. इस खेल के प्रभाव को समझते हुए भी न ही माता-पिता अपने बच्चों को समझा पा रहे हैं और न ही सरकार इस दिशा में कोई कदम उठा रही है. यह अपने समाज के लिए हानिकारक है. इसको देखते हुए सरकार को कड़े कदम उठाने की जरूरत है.
श्रीकांत दास, मधुपुर, देवघर

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