शिक्षकों के रिक्त एक लाख पदों पर बहाली करे सरकार

पिछले कुछ दिनों से बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के एक लाख पदों पर बहाली की चर्चा जोरों पर है, जबकि वास्तविकता कुछ और है. डीइओ से मिलने पर बताया जा रहा है कि 2011 के ही बचे हुए रिक्त पदों पर ये केवल छठे चरण की बहाली होनी है. अर्थात नये पदों का […]

पिछले कुछ दिनों से बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के एक लाख पदों पर बहाली की चर्चा जोरों पर है, जबकि वास्तविकता कुछ और है.
डीइओ से मिलने पर बताया जा रहा है कि 2011 के ही बचे हुए रिक्त पदों पर ये केवल छठे चरण की बहाली होनी है. अर्थात नये पदों का सृजन नहीं किया जाना है. ऐसे में लगभग सभी जिलों में औसतन 800-1000 रिक्तियां बची हुई हैं, डीइओ द्वारा ऐसी सूचना प्राप्त हो रही है. इस प्रकार एक लाख सीटों पर बहाली की बात केवल जुमलेबाजी है और सरकार टीइटी अभ्यर्थियों को ठगने का काम कर रही है.
साथ ही आरटीइ के छात्र-शिक्षक 30:1 के नियम की अवहेलना कर रही है. बिहार के छात्रों को पड़ोसी राज्यों में सीटीइटी पास होने के बावजूद मौका नहीं दिया जाता है, तो फिर बिहार सरकार स्थानीयता क्यों नहीं लागू करना चाहती है. सरकार को वादों के मुताबिक एक लाख सीटों पर बहाली निकालनी चाहिए.
राहुल कुमार, जनकपुर (गया)

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