नयी चुनौती !

तेजी से बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिकीकरण ने प्रायः जंगल और जीव जंतुओं को बड़े स्तर पर प्रभावित किया है, जिससे आज पर्यावरण और जल संकट सब के सामने है. एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज इस नाजुक समय में पूरे भारत के तीन गुने भू-भाग पर घने जंगलों की जरूरत है अर्थात 90 करोड़ हेक्टेयर […]

तेजी से बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिकीकरण ने प्रायः जंगल और जीव जंतुओं को बड़े स्तर पर प्रभावित किया है, जिससे आज पर्यावरण और जल संकट सब के सामने है. एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज इस नाजुक समय में पूरे भारत के तीन गुने भू-भाग पर घने जंगलों की जरूरत है अर्थात 90 करोड़ हेक्टेयर अर्थात पूरे अमेरिका के बराबर जमीन पर. कार्बन उत्सर्जन को अवशोषित करने के लिए यह जरूरी है.
इसलिए अब युद्ध स्तर पर अच्छी और सही जगहों पर ही वृक्षारोपण, पारदर्शी संरक्षण और पोषण बहुत जरूरी है. दुर्भाग्य से आज भी बिना पारदर्शी और सही योजना के वृक्षारोपण एक मजाक-सा ही बन कर रह गया, क्योंकि इसको बड़े हल्के में लिया जा रहा है. आशा है कि सरकार इसे पूरी गंभीरता से लेते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित करके दिखायेगी.
वेद मामूरपुर, नरेला

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