धर्म पर महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक

आज के दौर धर्म को लेकर कई तरह के विचार सामने आ रहे हैं. ऐसी परिस्थिति में धर्म को लेकर दिये गये महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं. धर्म के नाम पर हिंसा और नफरत फैलायी जाती है. पर, गांधी ने कहा था कि धर्म सबसे प्रेम करना सिखाता है, न्याय तथा शांति […]

आज के दौर धर्म को लेकर कई तरह के विचार सामने आ रहे हैं. ऐसी परिस्थिति में धर्म को लेकर दिये गये महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं.
धर्म के नाम पर हिंसा और नफरत फैलायी जाती है. पर, गांधी ने कहा था कि धर्म सबसे प्रेम करना सिखाता है, न्याय तथा शांति की स्थापना के लिए खुद की बलिदान की प्रेरणा देता है. उनकी निगाह में धर्म निर्बल का बल तथा सबल का मार्गदर्शक है. वास्तव मे धर्म मनुष्य की पाश्विक प्रकृति को बदलने का उपक्रम है. लोगों को धर्म की व्याख्या गांधी के विचारों के अनुसार करनी चाहिए.
आज जब देश में राजनीतिक स्वार्थ के लिए सांप्रदायिक हिंसा का सहारा लिया जा रहा है तब उसे रोकने के लिए गांधी के आदर्श याद आते हैं. आज जिस तरह धर्म को परिभाषित किया जा रहा है, उससे माहौल बिगड़ रहा है. ऐसी स्थिति में गांधी के विचार को आत्मसात करना होगा.
शेर मोहम्मद, छपरा (सारण)

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