शिक्षा में सुधार को पुस्तकालय आंदोलन की सख्त जरूरत

समाज में शिक्षा के स्तर में गिरावट आयी है. डिग्री लेने में लोग आगे चल रहे हैं, लेकिन अपने को उन्नत नहीं कर पा रहे हैं. आखिर क्या कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिनती के उच्च शिक्षण संस्थानों को जगह मिल पाता है. हमारी शिक्षा प्रणाली मे कुछ बुनियादी कमजोरियां हैं. हम बच्चों पर […]

समाज में शिक्षा के स्तर में गिरावट आयी है. डिग्री लेने में लोग आगे चल रहे हैं, लेकिन अपने को उन्नत नहीं कर पा रहे हैं. आखिर क्या कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिनती के उच्च शिक्षण संस्थानों को जगह मिल पाता है. हमारी शिक्षा प्रणाली मे कुछ बुनियादी कमजोरियां हैं. हम बच्चों पर डिग्री लेकर बड़ी नौकरी पाने का दबाओ बनाते हैं उन्हें ज्ञान हासिल पर जोर नहीं देते. किताब पढ़ने कि परंपरा लगभग समाप्त हो रही है.
परीक्षा मे सिर्फ नंबरों का खेल रह गया है. अगर समाज को बचाना है तो बच्चों के बीच पुस्तक पढ़ने की परंपरा को जीवित करना होगा. यह काम पुस्तकालयों को मजबूत कर ही किया जा सकता है. इसलिए पुस्तकालय को एक आंदोलन का रूप दिया जाना होगा.
राजेश कुमार सिंह, एकमा (सारण)

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