तापमान नियंत्रण के लिए सख्त कानून जरूरी

पूरे विश्व में गर्मी सारे पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ रही है. पहले पारा जब 40 डिग्री से ऊपर पहुंचता था, तो त्राहिमाम मच जाता था. लेकिन, आज स्थिति यह है कि देश के मैदानी इलाकों की अधिकांश जगहों में पारा लगभग 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया. बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में […]

पूरे विश्व में गर्मी सारे पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ रही है. पहले पारा जब 40 डिग्री से ऊपर पहुंचता था, तो त्राहिमाम मच जाता था. लेकिन, आज स्थिति यह है कि देश के मैदानी इलाकों की अधिकांश जगहों में पारा लगभग 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया.
बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई शहरों और कस्बों का तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. बहुत सारे सामाजिक मुद्दों के साथ प्रकृति और भावी पीढ़ी के लिए संसाधनों को संचरण करने के लिए एक व्यापक नीति की जरूरत है.
लेकिन, वर्तमान पीढ़ी में इसको लेकर कोई जागरूकता नहीं है, क्योंकि कोई सामाजिक राजनीतिक अभियान पर्यावरण केंद्रित नहीं है. जिस तरह भारत सरकार ने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए जीएसटी और नोटबंदी पूरे भारत में लागू की उसी तरह तापमान नियंत्रण के लिए कोई ठोस कानून लाना चाहिए.
प्रीतम राज, कौआकोल (नवादा)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >