मॉब लिंचिंग : विविधता में एकता के लिए खतरा

वर्तमान समय में देश में मॉब लिंचिंग की घटना तेजी से बढ़ रही है. यह स्थानीय स्तर से ऊपर उठकर राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है. इससे भी ज्यादा खतरनाक राजनेताओं द्वारा इसका राजनीतिकरण करना है. वे अपने अनर्गल बयानों से समाज में सांप्रदायिकता का रंग घोल रहे हैं. हमें ध्यान रखना चाहिए कि जिस देश […]

वर्तमान समय में देश में मॉब लिंचिंग की घटना तेजी से बढ़ रही है. यह स्थानीय स्तर से ऊपर उठकर राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है. इससे भी ज्यादा खतरनाक राजनेताओं द्वारा इसका राजनीतिकरण करना है. वे अपने अनर्गल बयानों से समाज में सांप्रदायिकता का रंग घोल रहे हैं.

हमें ध्यान रखना चाहिए कि जिस देश की मिट्टी में खेलते हुए हमारे पूर्वज एक साथ बड़े हुए, एक-दूसरे के त्योहारों में हर्षोल्लास से हिस्सा लेते हुए जो प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया, उसी देश की मिट्टी में हम आज नफरत का बीज बो रहे हैं. हमें नहीं भूलना चाहिए कि भारत विविधता में एकता के लिए ही विश्व में विख्यात है. इस पर आंच नहीं आनी चाहिए. हम जाति, धर्म, संप्रदाय और कट्टरवाद से ऊपर उठकर सर्वधर्म-समभाव की भावना का अनुसरण करें.

शेर मोहम्मद, जामिया मिलिया इस्लामिया

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