हमारा देश जिस गति से विकास कर रहा है, उससे कहीं तीव्र गति से हमारी जनसंख्या में वृद्धि हो रही है. गरीबी, बेरोजगारी, जलसंकट, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई इत्यादि समस्याओं में वृद्धि विस्फोटक जनसंख्या से संबंध रखती है.
यदि इसे शीघ्र नियंत्रित करने की ठोस पहल नहीं की गयी, तो भारत विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन जायेगा. यह देश के लिए न तो कोई बड़ी उपलब्धि है और न प्रसन्नता का विषय है. अपितु, चिंता एवं चिंतन का विषय है. हमारे देश में संसाधन सीमित हैं.
लेकिन, मांग में अप्रत्याशित वृद्धि स्वाभाविक है. हम अपने धर्म को बचाने के लिए बेवजह चिंतित हैं. हकीकत में देखा जाये तो देश का भविष्य खतरे में है. चीन की तरह भारत को भी जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाने होंगे.
सोनू कुमार सोनी, लौरिया (प. चंपारण)
