बंद हो बेटियों पर अत्याचार, बने कड़ा कानून

आजकल देश के विभिन्न हिस्सों में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ अत्याचार के साथ यौनशोषण की घटनाएं बढ़ गयी हैं. आजकल भारत में कुछ इस तरह का कांड देखने और सुनने को मिल रहा है, जहां बदमाशों ने बेटियों के साथ घिनौनी हरकत और लूटपाट का अंजाम दे रहा है. इससे समाज के पुरुष-प्रधान होने की […]

आजकल देश के विभिन्न हिस्सों में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ अत्याचार के साथ यौनशोषण की घटनाएं बढ़ गयी हैं. आजकल भारत में कुछ इस तरह का कांड देखने और सुनने को मिल रहा है, जहां बदमाशों ने बेटियों के साथ घिनौनी हरकत और लूटपाट का अंजाम दे रहा है.
इससे समाज के पुरुष-प्रधान होने की वजह से महिलाओं को बहुत अत्याचारों का सामना करना पड़ा है. आमतौर पर महिलाओं को जिन समस्याओं से दो-चार होना पड़ा है. इनमें दहेज हत्या, यौन उत्पीड़न, महिलाओं से लूटपाट, नाबालिग लड़कियों से राह चलते छेड़छाड़ आदि की घटनाएं बढ़ रही हैं.
मो सबीहुद्दीन, अंधराठाढ़ी (मधुबनी)

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