विज्ञापन में सुरक्षा का हो उल्लेख

सूरत की घटना ने आज देश के सारे कोचिंग संस्थानों की पोल खोल कर रख दी है. सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं. अक्सर अखबारों में कोचिंग संस्थानों के आकर्षक विज्ञापनों की भरमार रहती है. यहां तक कि हर गलियों में, चौक-चौराहों आदि स्थानों में लुभावने पोस्टर और होर्डिंग्स लगे रहते हैं. […]

सूरत की घटना ने आज देश के सारे कोचिंग संस्थानों की पोल खोल कर रख दी है. सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं. अक्सर अखबारों में कोचिंग संस्थानों के आकर्षक विज्ञापनों की भरमार रहती है.

यहां तक कि हर गलियों में, चौक-चौराहों आदि स्थानों में लुभावने पोस्टर और होर्डिंग्स लगे रहते हैं. सभी अपने संस्थान को सबसे बढ़िया बतलाते हैं, परंतु किसी भी संस्थान के विज्ञापन और पोस्टर में सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी का उल्लेख नहीं किया जाता.

इन संस्थानों को अपने विज्ञापनों में भी सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करना चाहिए जिससे कि इन लुभावने पोस्टर, बैनर से कोचिंग संस्थानों के नाम, उत्कृष्टता के साथ वहां के सुरक्षात्मक व्यवस्था की जानकारी अभिभावकों को हो जाये. इससे उन्हें अपने बच्चे के लिए एक सुरक्षित कोचिंग सेंटर चुनने में मदद होगी.
किशोर चंद्रा, रातू

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >