फर्जी तरीकों से बहाल शिक्षकों पर कार्रवाई हो

समाज के लिए शिक्षक भगवान की तरफ से दिया एक अनमोल तोहफा होते हैं, क्योंकि ईश्वर पूरे ब्रह्मांड का निर्माता होते हैं, जबकि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता. शिक्षक की समाज में अलग प्रतिष्ठा व सम्मान होता है. विद्यालयों में इनकी नियुक्ति कड़े मापदड़ों के आधार पर होती है, ताकि योग्य शिक्षकों का चयन हो सके. […]

समाज के लिए शिक्षक भगवान की तरफ से दिया एक अनमोल तोहफा होते हैं, क्योंकि ईश्वर पूरे ब्रह्मांड का निर्माता होते हैं, जबकि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता. शिक्षक की समाज में अलग प्रतिष्ठा व सम्मान होता है.
विद्यालयों में इनकी नियुक्ति कड़े मापदड़ों के आधार पर होती है, ताकि योग्य शिक्षकों का चयन हो सके. लेकिन, बीते कुछ वर्ष पहले बिहार सरकार द्वारा राज्य के सरकारी विद्यालयों में बहाल किये गये शिक्षकों में कुछ ऐसे भी हैं, जो अयोग्य एवं फर्जी हैं. उनकी जांच अब भी निगरानी ब्यूरो द्वारा की जा रही है.
आये दिन शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़े की खबर सुर्खियों में रहती है. ऐसी घटनाएं काफी निंदनीय एवं शर्मसार करने वाली होती हैं. ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व बनता है कि फर्जी तरीकों से बहाल शिक्षकों को सिस्टम से बाहर करते हुए नये योग्य शिक्षकों की अविलंब नियुक्ति करे.
सोनू कुमार सोनी, लौरिया (प. चंपारण)

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