सपने बन कर रह जायेंगे मोदी के वादे

चुनाव के पहले हर दिन टीवी, मोबाइल पर प्रचार आता था, अच्छे दिन आनेवाले हैं. लेकिन चुनाव के बाद से ही लगने लगा है कि शायद ही ऐसा होगा कभी. सरकार के आने के साथ रेल किराया, चीनी के दाम, पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा हो गया. मैं कहता हूं कि अगर शुरुआत ही ऐसी […]

चुनाव के पहले हर दिन टीवी, मोबाइल पर प्रचार आता था, अच्छे दिन आनेवाले हैं. लेकिन चुनाव के बाद से ही लगने लगा है कि शायद ही ऐसा होगा कभी. सरकार के आने के साथ रेल किराया, चीनी के दाम, पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा हो गया. मैं कहता हूं कि अगर शुरुआत ही ऐसी है तो आगे क्या होगा? मोदी जी संसद में कहते हैं कि सरकार गरीबों की होनी चाहिए, पर उनके कहने और करने में काफी फर्क नजर आ रहा है. यहां तो हर पल गरीब विरोधी फैसले लिये जा रहे हैं.

अगर ऐसा ही चलता रहा, तो आम आदमी कहां जायेगा? मोदी जी रैलियों में बड़े जोर-जोर से कहते थे कि हमारी सरकार के आते ही गरीब के घर में हर रात चूल्हा जलेगा. पर यह क्या? मोदी जी तो आग में घी डालने का काम कर रहे हैं. जिस गरीब के घर दो वक्त चूल्हा जलता था, वहां तो अब एक वक्त भी जलाना मुश्किल हो रहा है.

सौरभ कुमार, गोमो

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