स्वस्थ समाज के लिए मॉब लिचिंग पर लगाम जरूरी

देश के विभिन्न हिस्सों में आये दिन मॉब लिंचिंग (अनियंत्रित भीड़ द्वारा किसी को पीटकर मौत के घाट उतारना) की घटनाएं होती रहती हैं. यह स्वस्थ समाज के लिए बेहतर नहीं है. इस पर सरकार व प्रशासन को लगाम लगाने की आवश्यकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अपराध साबित नहीं होता है […]

देश के विभिन्न हिस्सों में आये दिन मॉब लिंचिंग (अनियंत्रित भीड़ द्वारा किसी को पीटकर मौत के घाट उतारना) की घटनाएं होती रहती हैं. यह स्वस्थ समाज के लिए बेहतर नहीं है. इस पर सरकार व प्रशासन को लगाम लगाने की आवश्यकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अपराध साबित नहीं होता है और आरोपित को सजा नहीं मिल पाती है. मॉब लिचिंग का सबसे अधिक खतरा कानून-व्यवस्था बिगड़ने का रहता है.
इससे लोगों में कानून के प्रति आस्था, विश्वास, डर व भरोसा घटने लगता है. खैर जो भी हो राज्य तथा केंद्र सरकारों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. इसको रोकने के लिए लोगों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाने का प्रयास करना होगा और ऐसी घटनाओं को करने के लिए उकसानेवालों को चिह्नित करना होगा. आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून भी बनाने की जरूरत है.
तनिष पुनपुन, पतौरा (मोतिहारी)

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