कश्मीरियों ने भी देश की रक्षा में दी है शहादत, करें सम्मान

बीते 14 फरवरी की शाम कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकी हमले में जवानों की शहादत पर देश भर में विरोध प्रदर्शन किया गया. शहीद हुए जवानों के लिए कैंडल मार्च भी निकाला गया तथा श्रद्धांजलि भी दी गयी, जो देशवासियों का जवानों के प्रति अगाध श्रद्धा को दरसाता है. ऐसे में इस आतंकी हमले […]

बीते 14 फरवरी की शाम कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकी हमले में जवानों की शहादत पर देश भर में विरोध प्रदर्शन किया गया. शहीद हुए जवानों के लिए कैंडल मार्च भी निकाला गया तथा श्रद्धांजलि भी दी गयी, जो देशवासियों का जवानों के प्रति अगाध श्रद्धा को दरसाता है. ऐसे में इस आतंकी हमले के लिए किसी भी राज्य में रह रहे कश्मीरियों के साथ भेदभाव अनुचित होगा.
देश की सुरक्षा में तैनात जवानों में कई कश्मीरी भी हैं.हमें यह भी याद रखना होगा कि देश की रक्षा करते हुए कई कश्मीरी जवानों ने सिने पर गोलियां खाकर अपनी शहादत दीं. हमारा संविधान सभी को समान अधिकार देता है तथा धर्म, जाति, लिंग अथवा जन्म के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है. इस परिस्थिति में किसी भी प्रवासी कश्मीरी छात्र-छात्राएं, व्यापारी वर्ग पर हमला शर्मनाक होगा.
नितेश कुमार सिन्हा, जानपुल चौक (मोतिहारी)

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