डीजे का प्रचलन बढ़ा रहा साउंड पॉल्यूशन

डीजे साउंड हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है. आम तौर पर देखा जाता है कि शादी के अलावा अन्य समारोहों व पूजा-पाठ में डीजे की धूम-धड़ाका रहती है. जबकि, हमारी यह खुशियां किसी के लिए घातक बन जाता है. एक तो साउंड पॉल्यूशन होता ही है, दूसरी तरफ वातावरण भी दूषित होता है. वहीं […]

डीजे साउंड हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है. आम तौर पर देखा जाता है कि शादी के अलावा अन्य समारोहों व पूजा-पाठ में डीजे की धूम-धड़ाका रहती है.

जबकि, हमारी यह खुशियां किसी के लिए घातक बन जाता है. एक तो साउंड पॉल्यूशन होता ही है, दूसरी तरफ वातावरण भी दूषित होता है. वहीं हार्ट व बीपी के मरीजों के लिए यह घातक है. हमलोगों को अपने स्वास्थ्य हित को देखते हुए इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए.

जिला प्रशासन का आदेश है कि रात 10:00 बजे के बाद कोई भी साउंड नहीं होना चाहिए. इसके बावजूद भी किसी भी तरह के समारोह हों, खुलेआम डीजे का इस्तेमाल किया जाता है. सरकार को इस पर पूरी तरह से रोक लगा देना चाहिए. इसके अलावा हमें भी यह संकल्प लेना होगा कि डीजे का इस्तेमाल नहीं करेंगे.

आर्या पांडे, इ-मेल से

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