छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करके भी लोग बेरोजगार बैठे हैं. वे शासन की ओर ताक लगाये बैठे हैं कि कब हमारी भर्ती हो.सरकारी प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में शिक्षाकर्मी बनने के लिए 2011 में 70 हजार उम्मीदवार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर चुके हैं, पर अब तक उनकी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई ही नहीं है, जबकि सात साल पूरे होते ही उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट अवैध हो जाते हैं. लाखों लोग टेस्ट क्वालिफाइ करने के बाद भी बेरोजगार घूम रहे हैं तो कई उम्मीदवार भगवान भरोसे में बैठ गये हैं कि अब उन्हें आसानी से शिक्षाकर्मी की नियुक्ति मिल जायेगी. शिक्षा विभाग ने टीईटी आयोजित करने के बाद एक बार भी शिक्षाकर्मी भर्ती की प्रक्रिया नहीं की.
इस वजह से क्वालिफाइ करने वालों के लिए अवसर ही पैदा नहीं हुए. शिक्षा विभाग ने 2011 में पहली बार टीईटी का आयोजन करवाया था. उस समय शिक्षाकर्मी बनने की पात्रता के लिए इतनी जबर्दस्त होड़ मची थी कि सात लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दिया. उनमें से 70 हजार परीक्षार्थियों ने क्वालिफाइ किया. लेकिन एक बार भी शिक्षाकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी. इससे उम्मीदवारों को नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका तक नहीं मिला.
दीपक पटेल, लाहोद, बलौदा बाजार
