वैश्विक शांति की राह में रोड़ा

चीन और अमेरिका के बीच बाजार से शुरू हुई तनातनी अब एक दूसरे को नीचा दिखाने तक आ गयी है. गुरुवार को जहां चीन ने चंद्रमा की दूसरी ओर की सतह पर स्पेसक्राफ्ट चांग-4 उतार कर इतिहास रचा, वहीं अब उसने सबसे पावरफुल बम बनाने का दावा किया है. चीन का दावा है कि यह […]

चीन और अमेरिका के बीच बाजार से शुरू हुई तनातनी अब एक दूसरे को नीचा दिखाने तक आ गयी है. गुरुवार को जहां चीन ने चंद्रमा की दूसरी ओर की सतह पर स्पेसक्राफ्ट चांग-4 उतार कर इतिहास रचा, वहीं अब उसने सबसे पावरफुल बम बनाने का दावा किया है. चीन का दावा है कि यह परमाणु हथियारों के बाद का दूसरा सबसे ज्यादा घातक हथियार हैं और इससे होने वाली तबाही लगभग परमाणु बम जैसी ही होगी.

चीन और अमेरिका के बीच की तनातनी का लंबा दौर अब हथियारों के क्षेत्र में प्रवेश कर गया है, जो कहीं से भी अच्छा संकेत नहीं है. इसका दुष्परिणाम केवल अमेरिका और चीन को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को उठाना होगा. गौरतलब है कि चीन कई वर्षों से साम्राज्यवादी मंसूबे पर काम कर रहा है और पूरी दुनिया इसे समझ कर उसका विरोध भी कर रही है. हथियारों की होड़ का वैश्विक विरोध होना चाहिए.

अमन सिंह, प्रेमनगर, बरेली

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