नैतिकता की शिक्षा जरूरी

शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार आया है, परंतु आज भी नैतिक शिक्षा का घोर अभाव है. युवा मेहनत कर सफलता पा लेते हैं, लेकिन नैतिक शिक्षा के अभाव के कारण ही अपने पद का दुरुपयोग करते हैं. समाज में लड़कियों और महिलाओं के प्रति गलत नजर रखते हैं. दहेज के विरुद्ध लंबी सलाह देने वाले […]

शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार आया है, परंतु आज भी नैतिक शिक्षा का घोर अभाव है. युवा मेहनत कर सफलता पा लेते हैं, लेकिन नैतिक शिक्षा के अभाव के कारण ही अपने पद का दुरुपयोग करते हैं.
समाज में लड़कियों और महिलाओं के प्रति गलत नजर रखते हैं. दहेज के विरुद्ध लंबी सलाह देने वाले पढे-लिखे लोग भी अपनी बारी आने पर दहेज के रूप में एक मोटी रकम की मांग कर देते हैं. समाज में वृद्धा आश्रम की संख्या बढ़ती जा रही है और पढ़े-लिखे और समृद्ध लोग अपने माता-पिता को इसमें जाने को मजबूर कर देते हैं.
यह मुख्य रूप से नैतिक शिक्षा में पतन के कारण ही है. यदि बच्चों को शुरू से ही नैतिकता की शिक्षा दी जाये, तो आने वाले दिनों में बड़े होकर वे एक बेहतर कल का निर्माण करेंगे. सरकार को तो अपने स्कूली पाठ्यक्रम में इसे जरूर ही शामिल कर लेना चाहिए.
सरोज कुमार महतो, गिरिडीह

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