पॉलीथिन बंदी से आ रहा सकारात्मक बदलाव

पिछले दिनों जो लोग खाली हाथ बाजार जाते थे और हाथों में पॉलीथिन में सामान लेकर आते थे. वे अब झोला लेकर जाते हैं. बिहार में पॉलीथिन बैन होने के बाद सकारात्मक बदलाव हो रहा है. दुकानदार भी अब खाद्य सामग्री के लिए घर से बर्तन लेकर आने के लिए कह रहे हैं. ऐसा लगता […]

पिछले दिनों जो लोग खाली हाथ बाजार जाते थे और हाथों में पॉलीथिन में सामान लेकर आते थे. वे अब झोला लेकर जाते हैं. बिहार में पॉलीथिन बैन होने के बाद सकारात्मक बदलाव हो रहा है. दुकानदार भी अब खाद्य सामग्री के लिए घर से बर्तन लेकर आने के लिए कह रहे हैं. ऐसा लगता था कि लोग पॉलीथिन पर आश्रित हो चुके हैं.
इसके बिना कोई काम संभव भी नहीं है. इसका नतीजा था कि हर तरफ कचरे का अंबार, कई बार तो पॉलीथिन पशुओं के गले में भी चला जाता और पशुओं की मौत हो जाती थी. साथ ही नालों में पॉलीथिन भरने से जाम हो जाता है और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है. यह न तो गलता है और न ही सड़ता है. इसका असर मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर पड़ता है. कुल मिलाकर पॉलीथिन हर तरह से हानिकारक है. इस पर रोक एक सराहनीय कदम है.
सौम्या ज्योत्स्ना, मुजफ्फरपुर

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >