झारखंड में बिजली की स्थिति

झारखंड में बिजली की आंख मिचौली से आम जनता, उद्योगपति, व्यापारी, छात्र-छात्राएं, सभी परेशान हैं. झारखंड बिजली बोर्ड मुख्यत: तेनुघाट बिजली निगम और दामोदर वैली निगम से बिजली की आपूर्ति पर निर्भर है. लगभग तीन हजार करोड़ से भी अधिक का बकाया भुगतान नहीं हो पाने के कारण इनके लिए कोयला ‌‌‌‌‌खरीदना मुश्किल हो रहा […]

झारखंड में बिजली की आंख मिचौली से आम जनता, उद्योगपति, व्यापारी, छात्र-छात्राएं, सभी परेशान हैं. झारखंड बिजली बोर्ड मुख्यत: तेनुघाट बिजली निगम और दामोदर वैली निगम से बिजली की आपूर्ति पर निर्भर है. लगभग तीन हजार करोड़ से भी अधिक का बकाया भुगतान नहीं हो पाने के कारण इनके लिए कोयला ‌‌‌‌‌खरीदना मुश्किल हो रहा है.
फलस्वरूप ‌‌‌बिजली ‌‌‌‌‌‌‌‌उत्पादन पर बुरा ‌‌‌‌असर हो रहा है. बिजली की अनियमित आपूर्ति, कटौती के कारण उद्योग धंधे, कल कारखानों, व्यवसाय पर बुरा ‌असर होता है, जो आर्थिक विकास के रास्ते में अड़चन पैदा करता है. किसान को ‌‌‌‌‌‌‌पटवन‌ में दिक्कतें आती हैं. विधार्थी ‌‌‌की पढ़ाई ‌‌-लिखाई ‌‌‌बाधित होती है. सरकार ‌‌‌को‌‌ प्राथमिकता के आधार पर बिजली की अबाध आपूर्ति पर ध्यान ‌‌‌देने की ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌जरूरत है.
युगल किशोर, इमेल से

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