अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सनकी हैं, इसमें दो राय हो ही नहीं सकती, मगर वह कभी-कभी बहुत ही सटीक टिप्पणी और आकलन भी करते हैं. मसलन, उनका यह कहना कि पाकिस्तान को दी गयी आर्थिक मदद का अमेरिका को कोई लाभ नहीं पहुंचा, बिल्कुल सही है.
बकौल ट्रंप, आतंकवाद से लड़ने के लिए पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 35 अरब डॉलर दिये गये, मगर उसने तो अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन ओसामा बिन लादेन को ही अपने देश में पनाह दे रखी थी. इतना बड़ा विश्वासघात तो दूसरा हो ही नहीं सकता. अच्छा हुआ कि तमाम तरह की आर्थिक मदद देनी अमेरिका ने बंद कर दी, क्योंकि पाकिस्तान को मिले पैसे से आतंकवाद को बढ़ावा दिया गया.
इन्हीं पैसों से अफगानिस्तान, भारत में आतंकी गतिविधियों में इजाफा हुआ. सभी को मालूम है कि तालिबान अगर आज इतना ताकतवर बनकर उभरा है, तो इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है. आशा करनी चाहिए, पाकिस्तान की माली हालत खराब होने से वह आतंकियों को फंडिंग नहीं कर पायेगा. इससे क्षेत्र में दहशतगर्दी में कमी जरूर आयेगी.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर
