अपनी सीमा न भूलें बिजली बोर्ड के लोग

आज के अखबार में झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड अभियंता कर्मचारी समन्वय समिति के संयोजक का बयान पढ़ा. उन्होंने कहा है कि वह पूरे राज्य की बिजली गुल कर देंगे. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि बिजली बोर्ड उनकी पैतृक संपत्ति नहीं है कि जब वह चाहें तो पूरे राज्य की बिजली गुल कर दें. […]

आज के अखबार में झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड अभियंता कर्मचारी समन्वय समिति के संयोजक का बयान पढ़ा. उन्होंने कहा है कि वह पूरे राज्य की बिजली गुल कर देंगे. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि बिजली बोर्ड उनकी पैतृक संपत्ति नहीं है कि जब वह चाहें तो पूरे राज्य की बिजली गुल कर दें. बिजली बोर्ड पदाधिकारी जनता के सेवक हैं और उन्हें जनता की सेवा करने के लिए सरकार से पैसा मिलता है, जनता को परेशान करने के लिए नहीं.

दरअसल, हमारे देश में सरकारी नौकरी की यही स्थिति हो गयी है कि काम हो या न हो, सरकारी पदाधिकारी खुद को जनता का नौकर नहीं, मालिक समझते हैं. बहरहाल, पूरे देश में इन दिनों बिजली की हालत खराब है. ऐसे में अधिकारी इस समस्या से पार पाने की कोशिश करें तो अच्छा हो. राज्य के ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री का भी ध्यान इस ओर जाये.

विमल आनंद, रांची

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >