आज साइबर क्राइम एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है. इनमें प्रायः गांव के किशोर, युवा और कुछ अनपढ़ लोग भी हैं जो इस काम को निडरता से अंजाम दे रहे हैं.
अच्छी खासी संख्या में लोग इस अपराध का शिकार हो रहे हैं. पहले ऑनलाइन वॉलेट आदि के जरिये कार्ड डिटेल पता करके आसानी से पैसा चुरा लेते थे, पर चूंकि अब जागरूकता आ चुकी है, तो अब शॉपिंग वॉलेट का वे उपयोग बिना किसी डर के कर रहे हैं.
अब तो जागरूक व्यक्ति का भी जीना हराम हो गया कि पता नहीं कब क्या हो जाये. अब एटीएम रखना एक गुनाह के समान हो गया और जिस धड़ल्ले से वे इनकाे अंजाम दे रहे हैं, कहना मुश्किल है कि उन पर लगाम लगाये जा सकेंगे. पर सच्चाई तो यह है कि यह एक नेटवर्क है. कोशिश करने पर इन्हें पकड़ा जा सकता है. सिर्फ बाहरी राज्य के ही पुलिस प्रयास करते नजर आते हैं. झारखंड सरकार यदि जरा-सी सख्ती कर दे, तो इन पर आसानी से लगाम लगाया जा सकता है.
श्रीकांत दास,मधुपुर, देवघर
