बापू का सपना

दो अक्तूबर यानी गांधी जयंती का दिन उनके योगदान को याद करने का सबसे अवसर है. अक्सर कहा जाता है कि गांधीजी ने हमें आजादी दिलायी, लेकिन गांधीजी आजादी के साथ एक स्वच्छ भारत भी चाहते थे. स्वच्छ भारत के लिए गांधीजी ने अनेक कदम उठाये थे. उनके सपनों को साकार करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र […]

दो अक्तूबर यानी गांधी जयंती का दिन उनके योगदान को याद करने का सबसे अवसर है. अक्सर कहा जाता है कि गांधीजी ने हमें आजादी दिलायी, लेकिन गांधीजी आजादी के साथ एक स्वच्छ भारत भी चाहते थे.
स्वच्छ भारत के लिए गांधीजी ने अनेक कदम उठाये थे. उनके सपनों को साकार करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन चलाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है. विदेशी गुलामी से आजादी तो हमें 71 साल पहले ही मिल गयी थी, लेकिन देश को स्वच्छ बनाने का संकल्प अभी पूरा होना बाकी है. कुछ दिन बाद दिवाली है.
जाहिर है कि सभी लोग घरों की सफाई का काम भी शुरू हो चुके होंगे. दिवाली की तैयारी की ही तरह अगर पूरे साल ऐसी ही सफाई अपने घरों में और आसपास रखेंगे, तो दिवाली शायद हर रोज ही मना सकते हैं. और इस तरह गांधीजी के सपने को पूरा कर सकते हैं. स्वच्छता कोई बहुत बड़ा आंदोलन नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है.
दिवाकर कुमार, गोनैया

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