मुंबई की एक बहुमंजिला इमारत में आग लगी और चारों तरफ अफरातफरी का माहौल था तब उस परिस्थिति को संभाला 10 वर्ष की मासूम जेन ने. उसे अपने स्कूल में सिखाये सेफ्टी टिप्स याद थे, जिसकी वजह से सभी लोग अपनी जान बचाने में सफल रहे. भारत में जो भी आग लगने की घटनाएं होती हैं उनमें से अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से जाती है. अगर लोगों को आपदा प्रबंधन की जानकारी होगी तो इससे बच सकते हैं. पर अफसोस की बात है कि आपदा प्रबंधन की शिक्षा दी ही नहीं जाती. आपदाएं कभी किसी को कह कर नहीं आतीं.
विषम परिस्थितियों में भी धैर्य कैसे बनाये रखें, खुद की और लोगों की रक्षा कैसे करें, आपदा प्रबंधन की शिक्षा से ऐसे गुर को सीखा जा सकता है. अतः सरकार, प्रशासन व स्कूल कॉलेज से अनुरोध है कि बच्चों को आपदा प्रबंधन के बारे में जानकारी अवश्य दें.
डॉ शिल्पा जैन सुराणा, वारंगल
