लूट करिये तो अपने पेशे में ही

आलोक पुराणिक वरिष्ठ व्यंग्यकार puranika@gmail.com एक खबर बता रही है कि एक इंजीनियर अपनी गर्लफ्रेंड को नब्बे हजार की राडो घड़ी गिफ्ट करना चाहता था, रकम का जुगाड़ न हो पाया तो घड़ी की चोरी कर ली. दूसरी खबर है कि एक 65 वर्षीय बुजुर्ग अपनी पांच गर्लफ्रेंड्स के लिए चोरी करते हुए पकड़े गये. […]

आलोक पुराणिक
वरिष्ठ व्यंग्यकार
puranika@gmail.com
एक खबर बता रही है कि एक इंजीनियर अपनी गर्लफ्रेंड को नब्बे हजार की राडो घड़ी गिफ्ट करना चाहता था, रकम का जुगाड़ न हो पाया तो घड़ी की चोरी कर ली.
दूसरी खबर है कि एक 65 वर्षीय बुजुर्ग अपनी पांच गर्लफ्रेंड्स के लिए चोरी करते हुए पकड़े गये. खैर बुजुर्ग से जुड़ी खबर में तो सकारात्मक एंगल यह है कि इस उम्र में चोरी करने के लिए मुस्तैदी, चुस्ती बुजुर्ग ने कायम रखी. पांच गर्लफ्रेंड्स इस फिटनेस के लिए एक हद तक धन्यवाद की पात्र हैं. पर तमाम चोरियों के पीछे गर्लफ्रेंड्स का नाम आ रहा है. इससे गर्लफ्रेंड्स की प्रतिष्ठा पर दाग लग रहा है.
गर्लफ्रेंड्स महंगे ब्रांड्स के प्रति इतनी प्रतिबद्धता क्यों दिखाती हैं कि उनके ब्वॉयफ्रेंड्स को चोरी करना पड़े. यह गंभीर सवाल है. मातृभक्तों के इस देश में यह खबर कभी ना सुनने में आती कि मां की दवाई के लिए नौजवान ने चोरी की.
या यह खबर तक न सुनने में आती है कि पत्नी ने महंगा फोन मांगा, तो पति ने चोरी कर ली. चोरी तक जाने की हिम्मत सिर्फ गर्लफ्रेंड्स के लिए सुरक्षित है. इससे साफ है कि गर्लफ्रेंड्स का सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में क्या महत्व है और अब वक्त आ गया है कि तमाम गर्लफ्रेंड्स अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करें.
ब्रांड ऐसे क्यों चुनना, जिनसे ब्वॉयफ्रेंड चोरी को मजबूर हो जाये. राडो के बजाय कोई लोकल ब्रांड के प्रति अपना स्नेह दिखाएं गर्लफ्रेंड, तो घड़ी चोरी से बचा लें अपने ब्वॉयफ्रेंड को. कोई मुझसे पूछ रहा था कि राडो की चोरी में पकड़े गये ब्वॉयफ्रेंड को क्या रिजेक्ट कर देगी गर्लफ्रेंड.
इसका जवाब दूसरे समझदार ने यूं दिया- गर्लफ्रेंड अगर समझदार होगी, तो संबंध प्रगाढ़ करेगी. जिसने आज घड़ी की चोरी की है, वह आनेवाले वक्त में और बड़ी चोरी की हिम्मत भी दिखा सकता है. छोटी चोरी चोरी होती है, बड़ी चोरी कांड होती है, जिसमें चर्चित हुआ बंदा विधायक, सांसद या मंत्री तक बन सकता है. ऐसे ब्वॉयफ्रेंड की बड़ी डिमांड आ सकती है.
मसला दूसरा भी है- इंजीनियर बहुत धरे जा रहे हैं ऐसे कांडों में. राडो घड़ी कांड में जो इंजीनियर धरा गया, वह नौकरी भी करता था. इंजीनियर की नौकरी करके भी पुलिस कांस्टेबल जितनी हैसियत न हो पाये, तो क्या फायदा इंजीनियर होने का.
एक खबर आयी है कि सरकारी चपरासी और कांस्टेबल पद के लिए आनेवाले हजारों आवेदन पत्रों में से कई इंजीनियरों के भी होते हैं.इंजीनियर ऐसी चोरी-चकारी करके इंजीनियरिंग के धंधे का नाम खराब कर रहे हैं.
चौकसी-नीरव टाइप चोरी हो, कोई साॅफ्टवेयर इंजीनियर हो उसमें शामिल, यह बात तो समझ में आती है. पर ये चिंदी चोरी इंजीनियर करे, यह बात बहुत खराब है. डाॅक्टरों का रिकाॅर्ड इस मामले में बेहतर है, उन्होंने जब भी लूटा है, महंगे टेस्ट कराके लूटा है. इंजीनियरों की तरह नहीं कि उचक्कागिरी कर ली या घड़ी चुरा ली. अपने पेशे के प्रति प्रतिबद्धता यही होती है कि अपने पेशे से ही लूटेंगे. राडो कांड के बाद इंजीनियरों को अपनी प्रतिबद्धता पर विचार करना चाहिए.

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