गत दिनों हिंदी के प्रसिद्ध कवि और गीतकार गोपाल दास नीरज का निधन हो गया. वे भारत के महान गीतकारों में से एक थे. उन्होंने कई कविता संग्रह लिखे, लेकिन हिंदी फिल्मों के गीतकार के रूप में ही उनको ज्यादा प्रसिद्धि मिली. उन्होंने कई ऐसे कालजयी हिंदी गाने लिखे जिन्हें संगीतप्रेमी कभी भूल नहीं सकते. सत्तर के दशक में उनके उत्कृष्ट गानों के लिए लगातार तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार से उनको नवाजा गया.
सबसे बड़ी बात यह है कि हिंदी के साथ-साथ उर्दू में भी उनकी पकड़ मजबूत थी. हिंदी गीतों के साथ उर्दू शायरी में भी उन्हें प्रसिद्धि मिली. उनको धर्म निरपेक्ष कवि और गीतकार कहा जाता था. वास्तव में उन्होंने हिंदी फिल्मी गीतों को नयी पहचान और ऊंचाई प्रदान की. अद्वितीय नीरज को हमारी भावभीनी श्रद्धांजलि.
अनित कुमार राय, धनबाद
