माता-पिता से कुछ सीखें और उनका आदर करें

आज कल के मॉडन जमाने में सभी लोग इतना फैशन में रहने लगे हैं कि अपने माता-पिता का मतलब ही नहीं समझ रहे हैं. जिन माता-पिता ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया, चलना-फिरना एवं पढ़ना-लिखना सिखाया, हमें बहुत परिश्रम से बड़ा किया और हम जब बड़े होते हैं, तो उन पर तानाशाही चलाते हैं. यहां […]

आज कल के मॉडन जमाने में सभी लोग इतना फैशन में रहने लगे हैं कि अपने माता-पिता का मतलब ही नहीं समझ रहे हैं. जिन माता-पिता ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया, चलना-फिरना एवं पढ़ना-लिखना सिखाया, हमें बहुत परिश्रम से बड़ा किया और हम जब बड़े होते हैं, तो उन पर तानाशाही चलाते हैं.
यहां तक कि कोई-कोई अपने माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देता है और उसे तनिक भी दया नहीं आती है. ऐसा हमें बिल्कुल नहीं करना चाहिए. अपने माता-पिता से कुछ ज्ञान लेना चाहिए,उनका आदर करना चाहिए.
आदित्य कुमार प्रसाद, बगौरा, पुरानी बाजार (सीवान)

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