सारण जिले के एकमा में दुष्कर्म की दिल दहला देनेवाली घटना सामने आयी है. घटना को सुनकर हर कोई स्तब्ध है. एक छोटी-सी नाबालिग बच्ची के साथ विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों यहां तक कि विद्यालय के प्राचार्य ने भी दुष्कर्म किया. राष्ट्र निर्माता कहे जानेवाले शिक्षक ही अगर देश के भविष्य कहे जानेवाले छोटे-छोटे बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार करे, तो अन्य लोगों से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं.
जिनके संरक्षण और देखरेख में बच्चों का विकास होता है, वही शिक्षक इन नन्हे बच्चों को अंधकार की गर्त में धकेले तो हम बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना कैसे कर सकते हैं. यह घटना शिक्षक की गरिमामयी पद को कलंकित करने के सिवाय क्या कर ही सकती है.
अभिभावक बच्चे के सही विकास एवं योग्य बनाने के लिए विद्यालय में भेजते हैं, लेकिन उन्हीं विद्यालयों में दुष्कर्म की ऐसी शर्मनाक घटनाओं ने अभिभावकों को भी बच्चों के सुरक्षित परिवेश को खोजने पर मजबूर कर दिया है.
विद्यालय जैसे पवित्र स्थल पर ऐसी घटनाएं वाकई में निंदनीय हैं. अभिभावकों के सामने बड़ा सवाल यह है कि वे अपने बच्चों को उचित शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित परिवेश कैसे एवं कहां उपलब्ध करा पायेंगे.
अंकित कुमार, यादवपुर, (गोपालगंज)
