दिल्ली के एक निजी स्कूल में फीस न देने की वजह से बच्चों को बंधक बनाये जाने की घटना सामने आयी है. ये चार से पांच साल के बच्चे थे जिन्हें फीस न भर पाने की वजह से स्कूल प्रशासन ने स्कूल के बेसमेंट में बंद कर दिया था.
यह सिर्फ आरोप है, क्योंकि बच्चे के अभिभावक फीस भरे जाने की बात कर रहे हैं. जो भी हो ये तो बाद की बात है, लेकिन अब स्कूल के इस अमानवीय कृत पर सवाल खड़े होते हैं. आखिर इस तरह के स्कूलों को समाज में बने रहने का क्या औचित्य है, जो शिक्षा का प्रसार न कर के एक बिजनेस की तरह काम करता है. शिक्षा के इस व्यापार में उन्होंने बच्चों की उम्र का भी लिहाज न किया.
नीरज झा, मधुबनी
