बीजेपी व शिवसेना का रिश्ता

महाराष्ट्र में शिवसेना एवं बीजेपी के बीच जो घमसान मचा है, उसमें हकीकत कम, दिखावटीपन ज्यादा है. शिवसेना जनता को दर्शाना चाह रही है कि उसका भाजपा से तलाक हो चुका है. मगर असलियत में वो साथ-साथ थे, साथ-साथ हैं और साथ ही रहेंगे. सीधी बात है अगर मुझे किसी से अलग होना होगा, तो […]

महाराष्ट्र में शिवसेना एवं बीजेपी के बीच जो घमसान मचा है, उसमें हकीकत कम, दिखावटीपन ज्यादा है. शिवसेना जनता को दर्शाना चाह रही है कि उसका भाजपा से तलाक हो चुका है.
मगर असलियत में वो साथ-साथ थे, साथ-साथ हैं और साथ ही रहेंगे. सीधी बात है अगर मुझे किसी से अलग होना होगा, तो क्या उसके लिए दिन महीना और साल की घोषणा पहले करूंगा? क्यों 2019 से? क्यों नहीं आज और अभी से? 288 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के 122 विधायक हैं
यानी बहुमत से 23 कम. शिव सेना के 63 लोग हैं. आज समर्थन वापस ले लेंगे, तो अभी के अभी सरकार गिर जायेगी. मगर शिव सैनिक लोग तो सत्ता में मंत्री पद पर आसीन होकर मलाई खा रहे हैं. नगर निगम के चुनाव में भी खूब दिखावटी झगड़ा हुआ था. अंत में शिवसेना का मेयर बनाने में भाजपा ने सहयोग दिया था. इसलिए, इस झगडे पर ऐतबार नहीं रहा.
जंग बहादुर सिंह, इमेल से

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