मध्यप्रदेश का नया कानून

मध्यप्रदेश विधानसभा ने आखिरकार सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण विधेयक पास कर दिया, जिसमें 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म पर फांसी की सजा का प्रावधान है. यह पहल स्वागत योग्य है. इसे न केवल मध्यप्रदेश में, बल्कि ऐसी पहल को पूरे भारत वर्ष में लागू किया जाना चाहिए. अखबारों में जब छोटी-छोटी बच्चियों […]

मध्यप्रदेश विधानसभा ने आखिरकार सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण विधेयक पास कर दिया, जिसमें 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म पर फांसी की सजा का प्रावधान है. यह पहल स्वागत योग्य है.
इसे न केवल मध्यप्रदेश में, बल्कि ऐसी पहल को पूरे भारत वर्ष में लागू किया जाना चाहिए. अखबारों में जब छोटी-छोटी बच्चियों से दुष्कर्म की खबरें आती हैं, तो रूह कांप जाती है. यह सोचने की हिम्मत भी नहीं होती कि उन मासूमों ने किस दर्द को झेला है? ऐसे अपराध करने वाले लोग किसी भी तरह इंसान कहलाने लायक नहीं हैं. वे मानवता पर कलंक हैं.
सच बात कहें, तो फांसी भी उनके लिए उतनी अमानवीय नहीं, जितना अमानवीय कृत्य उन्होंने किया है. अब महत्वपूर्ण यह है कि विधेयक मात्र दस्तावेज बन कर न रह जाये. इसे तुरंत प्रभाव से अमल में लाया जाना चाहिए. इस तरह के मामलों के निबटारे फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, ताकि पीड़िता को तुरंत न्याय मिले.
डॉ शिल्पा जैन सुराणा, वारंगल, इमेल से

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