आतंकवाद दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है. यह आज की समस्या नहीं है, बल्कि प्राचीनकाल चली आ रही है. फर्क सिर्फ इतना है कि प्राचीनकाल में यह सिर्फ विशेष वर्ग या समुदाय को प्रभावित करता था लेकिन वर्तमान में इसका रूप विकराल होकर पूरे विश्व में फैल गया है.
प्राचीनकाल में राम-रावण का युद्ध और कौरव-पांडवों का युद्ध आतंकवाद का ही एक रूप था, जो हाथी-घोड़े, धनुष-बाण तथा ढाल-तलवार से हुआ करता था और मुगलकाल में भी यह दो राजाओं के बीच इसी तरह हुआ करता था. लेकिन वर्तमान युग में इस युद्ध ने इतना विकराल रूप ले लिया है कि यह समूचे विश्व में फैल गया है और भयंकर हथियारों के इस्तेमाल से यह समूचे विश्व में मानवजाति के लिए खतरा बन चुका है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कब खत्म होगा आतंकवाद का यह सिलसिला और कब तक लोग एक -दूसरे का खून बहाएंगे! चंद्रदेव नारायण, रांची
