16वीं लोकसभा के लिए आयोजित चुनाव में अब तक विभिन्न संसदीय क्षेत्रों में जबरदस्त मतदान की खबर एक सुखद अहसास देती है. बड़ी संख्या में नये और पुराने मतदाताओं ने अपने मतधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र की जीवंतता बनाये रखने में अपना योगदान दिया. न नक्सलियों का खौफ और न काम की चिंता, लोगों को प्रभावित कर पाये.
साथ में विभिन्न स्तरों पर चलाये जा रहे मतदाता जागरूकता अभियानों का भी असर दिखा. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि पहली बार इस चुनाव में नोटा का प्रावधान किया गया, इसलिए इसकी प्रबल संभावना बनती है कि लोगों ने प्रत्याशी के पसंद ना होने की स्थिति में भी इस बार मतदान केंद्र जाकर नोटा का विकल्प दबाना उचित समझा होगा. लेकिन अपील है कि विशेष परिस्थिति में ही इसका उपयोग किया जाय, ताकि इसकी सार्थकता बनी रहे.
राजीव कुमार, दुमका
