देश भर में चुनावी सरगर्मियां बढ़ चुकी हैं. चुनाव प्रचार के साथ-साथ जीत की अटकलें भी लगायी जा रही हैं. कौन जीतेगा, कौन हारेगा और किसमें देश की गद्दी संभालने की काबिलीयत है, चारों ओर यही चर्चा है.
संभावनाओं और अटकलों से परे हट कर देखा जाये, तो मतदान हमारा कर्तव्य है, जिसका उपयोग हमें जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए. भारत में युवाओं की संख्या बहुत ज्यादा है और युवाओं को ही देश का भाग्यविधाता माना जाता है. आज न सिर्फ पूरे देश की, बल्कि दुनिया की निगाह लोकसभा चुनाव पर है.
हर कोई जानना चाहता है कि आने वाले पांच सालों के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बागडोर कौन थामेगा. अत: देश के जिम्मेदार नागरिक के तौर पर, देश की भलाई और उन्नति के लिए जाति, धर्म और स्वार्थ से परे उठ कर, बिना किसी पक्षपात के अपने मत का प्रयोग करें.
आनंद कानू, सिलीगुड़ी
