शहीदों के शवों का सम्मान

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए जवानों के शवों को पॉलीबैग और पेपरबॉक्स में रखे जाने की तसवीर सामने आने पर विवाद हो गया है. जहां यह हादसा हुआ वहां बॉडी बैगेज नहीं थे, ऐसा सेना का कहना है. दुर्घटना हो या न हो हमें हमेशा तैयार रहना जरूरी है. जो […]

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए जवानों के शवों को पॉलीबैग और पेपरबॉक्स में रखे जाने की तसवीर सामने आने पर विवाद हो गया है.
जहां यह हादसा हुआ वहां बॉडी बैगेज नहीं थे, ऐसा सेना का कहना है. दुर्घटना हो या न हो हमें हमेशा तैयार रहना जरूरी है. जो चीजें बाद में मुहैया करा दी जाती है वह पहले ही मुहैया क्यों नहीं की जाती? ऐसी तैयारी क्यों नहीं रहती? शहीद जवानों के बारे में जो हुआ है उससे पता चलता है कि सेना को कितनी तैयारी करना बाकी है.
जिस देश से अपने जवानों के शवों को ठीक तरह से संभालने में गलती हुई हो, उससे हम युद्ध के लिए कितने तैयार है यह स्पष्ट होता है. अस्त्र-शस्त्र के अलावा भी बहुत सी चीजें युद्ध तैयारी में महत्वपूर्ण होती है. उनकी पूर्ति के लिए केंद्र को सेना बलों की आवश्यक बातों पर ध्यान देना होगा.
जयेश राणे, मुंबई, इमेल से

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