रामनवमी के दिन मैं मर्यादा पुरु षोत्तम राम के जन्मदिन और उनकी गणतांत्रिक गतिविधियों पर गौरव कर ही रहा था कि दिल्ली के रोड शो में केजरीवाल पर पड़े थप्पड़ की गूंज ने मुङो हिला कर रख दिया. राजा रामचंद्र के इस देश में केजरीवाल पर लगातार चल रहे थप्पड़ों ने हमारे लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया है. राजनीतिक विचार और संस्कार पर थप्पड़वादियों ने घातक प्रहार किया है.
भारतीय लोकतंत्र में आपके विचार से सहमति-असहमति हो सकती है, जिसका जवाब हम वोट डाल कर दे सकते हैं. लेकिन थप्पड़ चला कर देश भर में खुद को चर्चित कर लेना अच्छा संकेत नहीं है. यह तब और भी घातक हो जाता है जब भ्रष्ट नेताओं की परोक्ष सहमति उन्हें प्राप्त होती है. केजरीवाल पर यह आरोप है कि वह जनता की आकांक्षा पर खरे नहीं उतरे. लेकिन इसकी सजा देने का हक संविधान ने किसे दे दिया?
डॉ कृष्ण मुरारी सिंह, मैथन, धनबाद
