चुनाव में महिलाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी के लिए महिलाओं को मतदाता के रूप में आगे आना होगा. महिलाओं में जैसे-जैसे शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, वैसे-वैसे महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी. ऐसा नहीं है कि राजनीति में पहले महिला नहीं रही है.
इंदिरा गांधी, प्रतिभा पाटिल, सोनिया गांधी, मीरा कुमार, नजमा हेपतुल्ला, सुषमा स्वराज, अंबिका सोनी, कुमारी शैलजा, अगाथा संगमा, शीला दीक्षित, मायावती, जयललिता, ममता बनर्जी, वसुंधरा राजे सिंधिया, मार्गेट अल्वा सहित कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपना लोहा किसी पुरुष नेता से कम नहीं मनवाया. इसलिए मेरा यह मानना है कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व है और वह बखूबी काम कर रहीं हैं. जहां तक महिलाओं की समस्या की बात है, सभी राजनैतिक दलों के संज्ञान में है, समाधान भी हो रहा है.
पूजा सिंह, बोकारो
