बच्चों को अच्छे संस्कार दें

आज के जमाने में नैतिक शिक्षा की बहुत ज्यादा जरूरत है, ताकि अपने संस्कारों और परंपराओं को भुलाया न जाये. आजकल अपने आसपास ही देखिए, बड़े से लेकर बच्चे तक असभ्य भाषा का बहुत खुल कर उपयोग कर रहे हैं. यह सब वे अपने बड़ों से सीख रहे हैं. बड़ों को चाहिए कि कम-से-कम बच्चे […]

आज के जमाने में नैतिक शिक्षा की बहुत ज्यादा जरूरत है, ताकि अपने संस्कारों और परंपराओं को भुलाया न जाये. आजकल अपने आसपास ही देखिए, बड़े से लेकर बच्चे तक असभ्य भाषा का बहुत खुल कर उपयोग कर रहे हैं. यह सब वे अपने बड़ों से सीख रहे हैं. बड़ों को चाहिए कि कम-से-कम बच्चे के सामने असभ्य भाषा का प्रयोग न करें.

बच्चों को अच्छे संस्कार दें, ताकि भविष्य में बच्चे आपकी इज्जत करें और आपको सम्मान दें. वरना, आगे चल कर बच्चे अपने से बड़ों का आदर-सत्कार तो दूर, आपकी खैर-खबर भी नहीं लेंगे और संभव है कि आपको अपने ही घर से बाहर का रास्ता दिखा दें. हमारे लिए जरूरी है कि अच्छे संस्कारों और परंपराओं से अपनी नैतिक जिम्मेदारी को निभाना सीखें. इस बारे में आपके अखबार का सक्सेस सीढ़ी स्तंभ भी प्रेरणस्पद है.

रविंद्रनाथ टुडू, परसुडीह, जमशेदपुर

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