कांग्रेस जब सत्ता में थी तो उसने आधार कार्ड और जीएसटी की योजना बनायी थी. उस वक्त उनका तर्क था कि आधार कार्ड से व्यक्ति की पहचान होगी, जिसे कल्याणकारी योजनाओं में लागू किया जाएगा और जीएसटी लागू होने से व्यापार आसान होगा. उस समय विपक्ष में रही भाजपा ने आधार कार्ड और जीएसटी का पुरजोर विरोध किया. इनको कांग्रेस की बेकार योजना कहकर आलोचना की.
अब वही भाजपा आधार कार्ड और जीएसटी को एक अच्छी योजना कहकर अनिवार्य कर रही है. और अब कांग्रेस विरोध में उतर गयी है. इन दोनों की नूरा कुश्ती और अवसरवादी राजनीति से जनता उब सी गयी है. इनकी इस तरह की अवसरवादी राजनीति कब खत्म होगी?
धीरज कुमार, रांची
